गाजियाबाद में मां ने बाइक-मोबाइल नहीं दिलाया तो 18 वर्षीय पारस ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

सूचना पर इंदिरापुरम थाने से पुलिस पहुंची। दरवाजा तोड़कर पारस को नीचे उतारा। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

गाजियाबाद में मां ने बाइक-मोबाइल नहीं दिलाया तो 18 वर्षीय पारस ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली
18 वर्षीय पारस ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में 18 वर्षीय पारस ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने की वजह भी चौंकाने वाली निकली। वो मां से बुलेट मोटरसाइकिल और नया मोबाइल मांग रहा था। मां के मना करने पर उसने ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया। एक साल पहले साइकिल न दिलाने पर भी उसने नींद की गोलियां खा ली थीं।

इंदिरापुरम थाने के इंस्पेक्टर देवपाल सिंह के अनुसार, ये घटनाक्रम शिप्रा सनसिटी फेज वन का है। सुषमा अपने दो बेटों पीयूष और पारस के साथ फ्लैट में रहती हैं। पीयूष नोएडा सेक्टर-60 की निजी कंपनी में जॉब करता है। जबकि पारस ने एक पैर में लकवा होने की वजह से 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। सुषमा का अपने पति से तलाक हो चुका है, इसलिए वे दो बेटों के साथ अलग रह रही हैं।

खिड़की से देखा तो बेटा फांसी पर लटका मिला : सोमवार रात करीब आठ बजे पारस अपने कमरे में था। मां सुषमा ने आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा तो बेटा पारस फांसी पर लटका था। सूचना पर इंदिरापुरम थाने से पुलिस पहुंची। दरवाजा तोड़कर पारस को नीचे उतारा। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस ने इस प्रकरण में मृतक की मां से पूछताछ की। मां ने बताया कि पारस अक्सर बुलेट मोटरसाइकिल और नए मोबाइल की डिमांड करता था और हर बार वे इसके लिए मना कर देती थीं। संभवत: इसी बात से क्षुब्ध होकर पारस ने ये आत्मघाती कदम उठाया है। पारस तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई ने छह साल पहले आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद दो भाई रह गए। अब पारस ने भी जान दे दी। पति से विवाद और दो बेटों को खोने के बाद मां सुषमा बुरी तरह टूट गई हैं।